पापा
ज़िन्दगी के सफर में मेरे,
तुमने मेरा साथ निभाया।
पापा तुमने कितना कुछ सिखाया।।
चलना सिखाया,
काबिल बनाया।
मुझको मेरा लक्ष्य बताया।।
बाधाओं को मेरी,
पार कराया।
परेशानियों से लड़ना सिखाया।।
रुकना नहीं,
बस चलना सिखाया।
ज्ञान का नया पाठ पढ़ाया।।
गिरने से मुझको,
तुमने बचाया।
हर कदम पर मेरा साथ निभाया।।
डर जाऊँ ना मैं,
अंधेरे में कभी।
दीपक की तरह जलना सिखाया।।
इस सफर में क्या ज़रूरी है,
ज़िन्दगी का वो पहलू दिखाया।
मैं कौन हूँ मुझको ये बतलाया।।


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